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Showing posts from May, 2015
29 May   आज फिर समाचारों में एक और दर्दनाक और इन्सानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई रोज की कई सारी घटनानाओं की तरह। दिल फिर रो बैठा आखिर क्या हो गया है समाज को ?     एक महिला जिसका ढाई माह पूर्व ही प्रेम विवाह हुआ था उसे उसके पति व ससुरालियों ने बेरहमी से मार पिट कर जला दिया। सुनते ही दिल दहला देने वाली इस घटना को अंजाम देने वालों पर क्या कोई डर सितम नहीं छाया होगा। कैसे इन्सान और कैसी इन्सानियत रह गयी है हमारे समाज में ?     आखिर हमें क्या हक है किसी की जिन्दगी तबाह करने का जो उस ऊपर वाले की दी है। कहते हैं हर जिन्दगी की डोर उस ऊपर वाले के हाथ में है तो आखिर ये इन्सान कौन होता है किसी की जिन्दगी से खेलने वाला, किसी की जिन्दगी बरबाद करने वाला और किसी की जिन्दगी खत्म करने वाला।      क्यों एक इन्सान दुसरी जिन्दगी पर अपना मालिकाना हक समझकर कुछ भी करने की हिमायत रखता है। क्यों कोई महिला शादी के बाद अपने पति या ससुरालियों की गुलाम हो जाती है क्या उसे अपने ढंग से जीने का कोई हक नहीं है? क्यों उसे कठपुतली समझकर प्रताडित किया जाता है क्या यही...
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The Beautiful place nd Heaven Gairsain...
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The PAAMIR of Uttrakhand... Dudhatouli Range...

समय

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                          कुछ है जो परिवर्तन ले आता है प्रकृति में ही नहीं इन्सान में भी कुछ है जो कभी गुजर जाता है हवा के झोंके की तरह खुशी के पल में और कभी थम जाता है दुःख की घडी में सुखी नदी की तरह पर कुछ है जो गुजर ही जाता है किसी भी हालात में कुछ समय कहते हैं उसे और कुछ क्रुर वेदना कह देते हैं।। कुछ है जो तरसा देता है बीता खुशनुमा पल वापस लाने के लिये कुछ है जो स्तब्ध कर देता है दुःख के पलों को जिन्दगी में ठहराकर और फिर चला जाता है निरंतरता से सब कुछ समेटते हुए अपने आगोस में पर कुछ है जो हर भले को बुरा और हर बुरे को बदल देता है कुछ समय कहते हैं उसे और कुछ के लिये काल बन जाता है।। कुछ है जो बदलता रहता है अपने कालक्रम प्रत्येक जिन्दगी में कुछ है जो हर आत्मा को विलग बनाता है उसके अहम में और जो खुद समाप्त ना होकर किसी का सब समाप्त कर देता है पर कुछ है जो दिशा बदल देता है राह की हर मोड के बाद कुछ समय कहते हैं उसे और किसी के लिए झूठ बन जाता है।।                 ...