समय

                         
कुछ है जो परिवर्तन ले आता है प्रकृति में ही नहीं इन्सान में भी
कुछ है जो कभी गुजर जाता है हवा के झोंके की तरह खुशी के पल में
और कभी थम जाता है दुःख की घडी में सुखी नदी की तरह
पर कुछ है जो गुजर ही जाता है किसी भी हालात में
कुछ समय कहते हैं उसे और कुछ क्रुर वेदना कह देते हैं।।

कुछ है जो तरसा देता है बीता खुशनुमा पल वापस लाने के लिये
कुछ है जो स्तब्ध कर देता है दुःख के पलों को जिन्दगी में ठहराकर
और फिर चला जाता है निरंतरता से सब कुछ समेटते हुए अपने आगोस में
पर कुछ है जो हर भले को बुरा और हर बुरे को बदल देता है
कुछ समय कहते हैं उसे और कुछ के लिये काल बन जाता है।।

कुछ है जो बदलता रहता है अपने कालक्रम प्रत्येक जिन्दगी में
कुछ है जो हर आत्मा को विलग बनाता है उसके अहम में
और जो खुद समाप्त ना होकर किसी का सब समाप्त कर देता है
पर कुछ है जो दिशा बदल देता है राह की हर मोड के बाद
कुछ समय कहते हैं उसे और किसी के लिए झूठ बन जाता है।।
                                        उमेश नैलवाल

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